Department of Hindi
Mission & Vision
Vision
Celebrating the Beauty and Significance of Hindi Language and Literature.
Mission
To impart a comprehensive education in Hindi language, literature, and culture, nurturing linguistic proficiency, literary appreciation, and cultural understanding among students
हिंदी विभाग
छात्रों को नाटक, हनुमान गदिया, पट्टियाँ सिखाकर ज्ञान बढ़ाने के लिए यह योजना अपनाएं –
*डॉन बॉस्को शैली में शिक्षण योजना*
नाटक (Natak) सिखाने का तरीका
*उद्देश्य:* आत्मविश्वास, बोलने की कला और संस्कार
*कैसे सिखाएं:*
– *पहले सप्ताह:* छोटे-छोटे संवाद याद करवाएं। रामायण / महाभारत / स्वच्छता पर 5 मिनट के नाटक
– *दूसरे सप्ताह:* भूमिका (Role) बाँटें – हर छात्र को बोलने का मौका दें। डर दूर करने के लिए मिरर एक्टिंग करवाएं
– *तीसरे सप्ताह:* मंच पर चलना, आवाज ऊंची रखना, चेहरे के हाव-भाव सिखाएं
– *ज्ञान कैसे बढ़ेगा:* नाटक के बाद 5 मिनट चर्चा – इस कहानी से क्या सीखा?
उदाहरण नाटक: “हनुमान का लंका दहन”
हनुमान गदिया / दंड-बैठक सिखाने का तरीका
*उद्देश्य:* शरीर बल, अनुशासन और एकाग्रता
*कैसे सिखाएं:*
– सुबह PT पीरियड में 15 मिनट
– *क्रम से सिखाएं:*
- सामान्य बैठक – 10 बार
- हनुमान बैठक (एक पैर आगे, एक पीछे) – 10 बार
- राममूर्ति दंड – 5 बार
- हनुमान दंड – धीरे-धीरे
– साथ में मंत्र: “बजरंग बली की जय” से ऊर्जा आती है
– *ज्ञान:* हर कसरत के बाद समझाएं – ये कसरत हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और पहलवानों की असली ताकत थी।
पट्टियाँ / लेजिम-पट्टी सिखाने का तरीका
*उद्देश्य:* ताल, एकता और टीम भावना
*कैसे सिखाएं:*
– 4-8 छात्रों की टोली बनाएं
– 1-2-3-4 के ठेके पर पट्टी घुमाना सिखाएं
– पहले बिना गाने के, फिर ढोल या “लेकरा” गीत पर
– *ज्ञान:* बताएं – पट्टी कर्नाटक की लोक कला है, इससे शरीर और दिमाग दोनों का व्यायाम होता है।
ज्ञान बढ़ाने के लिए 3 नियम
- करके सीखना (Learning by Doing):* आप खुद करके दिखाइए, बच्चे देखकर जल्दी सीखते हैं।
*2. कहानी जोड़ना:* हर क्रिया के साथ कहानी जोड़ें।
जैसे – “हनुमान जी रोज 1008 बैठक लगाते थे, इसलिए इतने बलशाली थे।”
*3. साप्ताहिक मंच:* हर शनिवार 30 मिनट “बाल सभा” रखें, जहाँ छात्र नाटक, गदिया और पट्टी का प्रदर्शन करें। सबसे अच्छे प्रदर्शन को छोटा इनाम दें।
*एक दिन का नमूना टाइम-टेबल:*
सुबह 8:00 – 8:15 = हनुमान गदिया और दंड
शाम 4:00 – 4:45 = नाटक रिहर्सल / पट्टी अभ्यास
“पहले शरीर बल, फिर मनोबल, तभी ज्ञान बल”




